Phone : +91 5412 246 707

सच्चा लहरी : तीन

तेरे चारों ओर वही कर रहा भ्रमण है खुले द्वार हों तो प्रविष्ट होता तत्क्षण है  उसकी बदली उमड़ घुमड़ रस बरसाती है जन्म-जन्म की रीती झोल...

Read More

सच्चा लहरी : दो

सच्चा कहता अरे बावरे! द्वारे द्वारे घूम रहा क्यों अपना भिक्षा पात्र पसारे। बहुत चकित हूँ, प्रबल महामाया की  माया किससे क्या माँगू, सबको...

Read More

सच्चा लहरी : एक

संत बहुत हैं पर सच्चा अद्भुत फकीर है गहन तिमिर में ज्योति किरण की वह लकीर है। राका शशि वह मरु प्रदेश की पयस्विनी है अति सुहावनी उसके गी...

Read More

जियरा जुड़इहैं रे सजनी (एक प्रिय-विमुक्ता का उच्छ्वास)

Photo source : Google पीसत जतवा जिनिगिया सिरइलीं दियवा कै दीयै भर रहलैं रे सजनी। मिरिगा जतन बिन बगिया उजरलैं कागा बसमती ले परइलैं ...

Read More

माझी रे!

O Majhi Re: Dipankar Das       Source: Flickr माझी रे! कौने जतन जैहौं पार। जीरन नइया अबुध खेवइया टूट गए पतवार- माझी रे! कौने जतन ज...

Read More

Amazed And Thinking! Have some questions?

Contact Form

Name

Email *

Message *