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Archive: 2009

सुधि उमड़ती रहे बदलियों की तरह  ...

सुधि उमड़ती रहे बदलियों की तरह    । तुम झलकते रहो बिजलियों की तरह ॥ प्रभु हृदय में मेरे तुमको होगी घुटन मैने गंदा किया सारा वातावरण  ऐसे...

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सुलतान

नृप बनने के बाद जनों ने पूछा यही हसन से बात      । पास न सेना विभव बहुत, कैसे सुलतान हुए तुम तात    । बोला अरि पर भी उदारता सच्चा स्नेह ...

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