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मुरली तेरा मुरलीधर 1

विरम विषम संसृति सुषमा में मलिन न कर मानस मधुकर,वहां स्रवित संतत रसगर्भी सच्चा श्री शोभा निर्झर !सुन्दरता सरसता स्रोत बस कल्लोलिनी कुलानन्दीटेर रहा वृन्दावनेश्वरी…