Phone : +91 5412 246 707

Archive: 2012

जियरा जुड़इहैं रे सजनी (एक प्रिय-विमुक्ता का उच्छ्वास)

Photo source : Google पीसत जतवा जिनिगिया सिरइलीं दियवा कै दीयै भर रहलैं रे सजनी। मिरिगा जतन बिन बगिया उजरलैं कागा बसमती ले परइलैं ...

Read More

माझी रे!

O Majhi Re: Dipankar Das       Source: Flickr माझी रे! कौने जतन जैहौं पार। जीरन नइया अबुध खेवइया टूट गए पतवार- माझी रे! कौने जतन ज...

Read More

मुरली तेरा मुरलीधर 48

पट खटका खटका पीडा देती सन्देश तुम्हे मधुकर बौरे निशितम मे भी तेरा जाग रहा प्रियतम निर्झर प्रेममिलन हित बुला रहा है जाने कब से सुनो भल...

Read More

Amazed And Thinking! Have some questions?

Contact Form

Name

Email *

Message *