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Archive: February 2010

मुरली   तेरा    मुरलीधर 45

निज प्रियतम के विशद विश्व में और न कुछ करना मधुकर निरुद्देश्य उसके गीतों को झंकृत कर देना निर्झर पंकिल भर देना निज कोना बहा गीतधारा प्र...

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मुरली   तेरा    मुरलीधर 44

गाने आया जो अनगाया गीत अभी तक वह मधुकर वीण खोलते कसते ही सब बासर बीत गये निर्झर सही समय आया न सज सके उचित शब्दसंभार कभी टेर रहा समयानुकूल...

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मुरली तेरा मुरलीधर - 43

भू लुण्ठित हो धूलिस्नात हो जाय न जब तक तन मधुकर। वह निज कर में ले दुलराये तेरा लघुप्रसून निर्झर विलख भले सुरभित न किन्तु वह पदसेवा से करे ...

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